Last updated: April 10th, 2026 at 12:17 pm

बिहार की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में होने वाली बीजेपी की अहम कोर कमेटी बैठक ऐन वक्त पर रद्द कर दी गई, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
शाम 6 बजे बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के आवास पर यह बैठक प्रस्तावित थी। इसमें चुनावी रणनीति, कैबिनेट विस्तार और राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होनी थी, लेकिन अचानक इसे टाल दिया गया।
इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी अपना दिल्ली दौरा बीच में ही खत्म कर पटना लौटने का फैसला किया। दोनों नेताओं की यह अचानक वापसी कई सवाल खड़े कर रही है।
क्या पक रही है अंदरखाने खिचड़ी?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली से पटना तक की यह तेजी किसी बड़े फैसले का संकेत हो सकती है। सत्ता के समीकरण में बदलाव या नई रणनीति पर काम चल रहा हो सकता है।
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज
सूत्रों के मुताबिक, राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने और बीजेपी की भूमिका बढ़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
पटना में बढ़ी हलचल
नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के पटना लौटने के बाद राजभवन और सचिवालय के आसपास गतिविधियां तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
विपक्ष भी सतर्क मोड में
इस पूरे घटनाक्रम के बाद विपक्षी दल भी अलर्ट हो गए हैं। उन्हें भी लग रहा है कि राज्य में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव हो सकता है।
अगले 24-48 घंटे बेहद अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले 24 से 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। पटना में होने वाली बैठकों के बाद स्थिति साफ हो सकती है। फिलहाल, बिहार की राजनीति का केंद्र मुख्यमंत्री आवास ‘1 अणे मार्ग’ बन गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि यहां से अगला बड़ा फैसला क्या निकलता है। यह पूरा घटनाक्रम बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की आहट दे रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।
![]()
Comments are off for this post.