Last updated: April 11th, 2026 at 01:22 pm

पटना। बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक पहल अब कानून का रूप लेने जा रही है। उन्होंने इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह अधिनियम, जिसे वर्ष 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था, अब लागू होने की ओर अग्रसर है। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की महिलाओं को भी शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल चुनाव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें नीति निर्माण और शासन में भी समान अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, जब महिलाएँ नेतृत्व करती हैं तो न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होती है, बल्कि समाज के हर वर्ग को उसका लाभ मिलता है।
मंत्री ने बताया कि हाल के वर्षों में महिलाओं की मतदान में भागीदारी लगातार बढ़ी है और कई क्षेत्रों में उन्होंने पुरुषों से अधिक संख्या में मतदान किया है। यह इस बात का संकेत है कि महिलाएँ अब लोकतंत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिले और लोग खुद को शासन का हिस्सा महसूस करें। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए श्रेयसी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और इस अधिनियम के जरिए देश ने महिलाओं को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून न केवल महिलाओं के लिए बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक ढांचे को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस पहल का समर्थन करने की अपील भी की। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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