Last updated: April 18th, 2026 at 10:54 am

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में शनिवार को हलचल उस वक्त तेज हो गई, जब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अचानक अपने सहयोगी नेताओं से मुलाकात की। इन बैठकों को राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्रियों से की अहम बातचीत
सबसे पहले नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पहुंचे, जहां दोनों के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। इस दौरान सरकार के कामकाज, संगठन और आने वाली रणनीति पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
इसके बाद उन्होंने दूसरे उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव से भी मुलाकात की और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विचार-विमर्श किया।
रणनीतिक संकेत मानी जा रही मुलाकातें
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये मुलाकातें सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि आने वाले फैसलों की तैयारी का हिस्सा हो सकती हैं। खासकर नई सरकार के गठन के बाद इस तरह की सक्रियता को महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
20 अप्रैल की बैठक पर टिकी नजरें
दरअसल, 20 अप्रैल को जदयू विधायक दल की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें नए नेता के चयन और पार्टी की आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जा सकता है। ऐसे में नीतीश कुमार की ये मुलाकातें उसी तैयारी का हिस्सा मानी जा रही हैं।
राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश
इन बैठकों के जरिए पार्टी के अंदर तालमेल मजबूत करने और सहयोगी नेताओं के साथ समन्वय बढ़ाने की कोशिश भी देखी जा रही है। माना जा रहा है कि जदयू आने वाले दिनों में अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
नीतीश कुमार की इन अचानक हुई मुलाकातों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सबकी नजर 20 अप्रैल की बैठक पर है, जहां से आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।
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