Last updated: April 18th, 2026 at 12:34 pm

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नई सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में “इलेक्टेड नहीं, सिलेक्टेड मुख्यमंत्री” बैठाया गया है।
सरकार की वैधता पर सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस तरीके से सत्ता परिवर्तन हुआ, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि अब सिर्फ बयान नहीं, बल्कि काम करके दिखाने का समय है।
बिजली, महिला योजनाओं पर उठाए मुद्दे
उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी आम जनता पर बोझ बन रही है। साथ ही महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
PMO के हस्तक्षेप का आरोप
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अहम फैसले अब प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रभाव में लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले से इस बात की आशंका जताई जा रही थी और अब वही स्थिति सामने आ रही है।
शराबबंदी और विकास पर घेरा
शराबबंदी कानून को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “कहानी सुनाने से कुछ नहीं होगा, जमीन पर काम दिखना चाहिए।” उन्होंने यह भी पूछा कि बिहार को विकसित राज्यों की सूची में लाने के लिए सरकार का रोडमैप क्या है।
आर्थिक स्थिति पर चिंता
राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रहा है और इससे बाहर निकलने के लिए ठोस योजना की जरूरत है।
महिला आरक्षण बिल पर भी सवाल
महिला आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पहले से पारित कानून को लागू करने के बजाय नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है।
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