Last updated: May 10th, 2026 at 06:59 am

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डीएमके ने दावा किया है कि पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन की रणनीति और पहल के बाद सहयोगी दलों ने तमिलगा वेट्ट्री कझगम (TVK) को समर्थन देने का फैसला किया, जिससे विजय के लिए सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया।
डीएमके प्रवक्ता ए. सरवनन ने कहा कि राज्य में किसी तरह का संवैधानिक संकट पैदा न हो, इसलिए स्टालिन ने सभी सहयोगी दलों से व्यापक बातचीत की और उन्हें TVK के समर्थन के लिए तैयार किया। उन्होंने अभिनेता से नेता बने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई भी दी।
सरवनन ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में मिली जीत में डीएमके कार्यकर्ताओं की मेहनत का बड़ा योगदान था, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने सबसे पहले TVK का समर्थन कर दिया।
चुनाव परिणामों में TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई थी। बाद में कांग्रेस, CPI और CPI(M) के समर्थन से पार्टी की ताकत बढ़ी। इसके बाद विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन से विजय ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
बहुमत मिलने के बाद विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए निर्धारित समय के भीतर विधानसभा में विश्वास मत साबित करने का निर्देश दिया है।
रविवार को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि पिछले छह दशकों में पहली बार राज्य में गैर-डीएमके और गैर-एआईएडीएमके सरकार बनने जा रही है।
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