Last updated: May 12th, 2026 at 07:11 am

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले में बंगाल STF ने बिहार के बक्सर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
परिवारों ने गिरफ्तारी पर जताई हैरानी
गिरफ्तार युवकों में शामिल विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा के परिवारों ने पूरे मामले पर हैरानी जताई है। परिजनों का कहना है कि दोनों युवक रोजगार और कामकाज के सिलसिले में बाहर रहते थे और उन्हें इस तरह के गंभीर मामले में फंसाए जाने की जानकारी मीडिया से मिली।
विक्की मौर्य के परिवार के अनुसार, वह काम के लिए मुंबई गया था, जबकि मयंक मिश्रा के बारे में परिवार का कहना है कि वह तकनीकी प्रशिक्षण और छोटे-मोटे कामों से जुड़ा हुआ था।
कैसे पहुंची जांच बिहार तक?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी अलग-अलग वाहनों से फरार हुए थे। पुलिस को टोल प्लाजा पर डिजिटल पेमेंट से अहम सुराग मिला, जिसके बाद जांच का दायरा बिहार और उत्तर प्रदेश तक पहुंचा। इसके बाद STF ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
6 मई को हुई थी हत्या
चंद्रनाथ रथ की 6 मई को नॉर्थ 24 परगना इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार को रोककर फायरिंग की, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना में उनका ड्राइवर भी घायल हुआ था।
संगठित गिरोह की भूमिका की जांच
जांच एजेंसियां इस मामले को एक बड़े आपराधिक नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। पुलिस को शक है कि वारदात में कई लोग शामिल थे और पूरी साजिश सुनियोजित तरीके से रची गई थी। फर्जी नंबर प्लेट, रेकी और डिजिटल ट्रैकिंग से जुड़े कई पहलुओं की जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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