Last updated: May 12th, 2026 at 07:18 am

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखानी शुरू कर दी है। शपथ लेने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने कानून-व्यवस्था, धार्मिक गतिविधियों और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश जारी किए।
राज्य सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होंगे।
लाउडस्पीकर और सड़क घेराव पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकर की आवाज नियंत्रित रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को कहा गया है कि ध्वनि सीमित क्षेत्र तक ही रहे और सार्वजनिक सड़कों को बाधित करने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए।
इसके साथ ही, विशेष आयोजनों के दौरान सड़क जाम या आम लोगों को असुविधा पहुंचाने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती बरतने के संकेत दिए गए हैं।
चुनाव बाद हिंसा के मामलों की फिर होगी जांच
सरकार ने चुनाव के बाद हुई हिंसा और जबरन वसूली से जुड़े मामलों की दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है। पुलिस को पुराने मामलों की समीक्षा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिलाओं और नौकरी अभ्यर्थियों के लिए बड़े फैसले
नई सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का फैसला किया है। वहीं महिलाओं के लिए निजी बसों में मुफ्त यात्रा की योजना भी घोषित की गई है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा।
अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, पशु तस्करी और गैरकानूनी बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों पर कठोर कदम उठाने की बात भी कही गई है।
पुलिस प्रशासन को सख्त संदेश
बैठक में मुख्यमंत्री ने हेलमेट नियमों के पालन, अवैध वसूली पर रोक और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को मिली सुरक्षा की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। सरकार का कहना है कि राज्य में कानून का शासन और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
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