Last updated: May 12th, 2026 at 07:23 am

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पदभार संभालते ही प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त और स्पष्ट रुख दिखाया है। राज्य सचिवालय नवान्न में पहले ही दिन उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और विभागीय सचिवों के साथ कई अहम बैठकें कीं, जिनमें शासन व्यवस्था और सरकारी कामकाज को लेकर नए निर्देश दिए गए।
अधिकारियों से कहा- खुलकर रखें अपनी राय
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ औपचारिक सहमति देने की संस्कृति से बाहर निकलें और राज्यहित में खुलकर अपनी राय रखें। उन्होंने साफ किया कि सरकार ऐसे अधिकारियों के साथ खड़ी रहेगी जो ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रशासनिक फैसले नियमों और पारदर्शिता के आधार पर लिए जाएंगे, न कि किसी राजनीतिक दबाव में।
सरकारी प्रचार में बदलाव के संकेत
सुवेंदु अधिकारी ने सरकारी परियोजनाओं और प्रचार सामग्री को लेकर भी बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का प्रचार किसी व्यक्ति विशेष की छवि बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। इसके तहत सरकारी होर्डिंग्स और शिलापट्टों पर इस्तेमाल होने वाले कुछ पारंपरिक राजनीतिक संदेशों को हटाने का संकेत दिया गया।
कानून व्यवस्था और योजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठक कर राज्य की कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बरतने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही केंद्र सरकार की लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आम लोगों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच सके।
प्रशासन में पारदर्शिता पर जोर
नई सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में प्रशासनिक जवाबदेही, खर्च नियंत्रण और निष्पक्ष कामकाज को लेकर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह रुख बंगाल की प्रशासनिक कार्यशैली में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
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