Last updated: May 15th, 2026 at 12:28 pm

नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है और सरकार इस पर नियंत्रण पाने में असफल साबित हो रही है।
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर देश की जनता पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन खर्च बढ़ गया है, जिसकी वजह से खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक की कीमतें बढ़ रही हैं। कांग्रेस ने दावा किया कि आम आदमी का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है और लोगों को जरूरी जरूरतों को पूरा करने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार केवल बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीन पर राहत दिखाई नहीं दे रही। पार्टी का कहना है कि बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के बीच महंगाई ने जनता की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मांग की कि सरकार तुरंत ऐसे कदम उठाए जिससे ईंधन की कीमतों में राहत मिल सके और आम लोगों को कुछ राहत महसूस हो।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि अगर समय रहते महंगाई पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में जनता का गुस्सा सरकार के खिलाफ और बढ़ सकता है। पार्टी ने दावा किया कि गांवों से लेकर शहरों तक हर वर्ग महंगाई से प्रभावित है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है। बीजेपी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत सहित कई देशों पर पड़ता है। पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जनता को राहत देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
बीजेपी नेताओं का यह भी कहना है कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई आर्थिक सुधार किए हैं, जिनका फायदा आने वाले समय में देखने को मिलेगा। उनका दावा है कि विपक्ष केवल चुनावी राजनीति के तहत इस मुद्दे को उछालने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों में महंगाई एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकती है। विपक्ष लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में रह सकते हैं।
फिलहाल देश की जनता की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि सरकार ईंधन की कीमतों को लेकर क्या फैसला लेती है और विपक्ष इस मुद्दे को किस तरह जनता के बीच लेकर जाता है।
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