Last updated: May 17th, 2026 at 01:04 pm

दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गर्म होती दिखाई दे रही है। आम आदमी पार्टी यानी AAP ने राजधानी में अपना राजनीतिक अभियान तेज कर दिया है। पार्टी प्रमुख Arvind Kejriwal और अन्य वरिष्ठ नेता लगातार भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों और राजनीतिक माहौल को देखते हुए AAP अब फिर से आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है।
पिछले कुछ समय से दिल्ली की राजनीति में कई बड़े मुद्दों को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है। महंगाई, बिजली-पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारों जैसे विषयों पर AAP लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली सरकार के कामों में बार-बार बाधाएं डाली जा रही हैं।
अरविंद केजरीवाल ने हालिया कार्यक्रमों में कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली मॉडल को देशभर में चर्चा मिल रही है और यही वजह है कि विपक्षी दल उनकी सरकार को निशाना बना रहे हैं।
AAP नेताओं का कहना है कि दिल्ली की जनता विकास और सुविधाओं की राजनीति चाहती है। पार्टी का दावा है कि उसने स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक, मुफ्त बिजली और पानी जैसी योजनाओं के जरिए आम लोगों को राहत देने का काम किया है।
दूसरी ओर भाजपा लगातार AAP सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं के आरोप लगा रही है। भाजपा नेताओं का कहना है that AAP केवल विज्ञापन और प्रचार की राजनीति करती है जबकि कई अहम मुद्दों पर स्थिति खराब बनी हुई है। भाजपा का दावा है कि दिल्ली की जनता अब बदलाव चाहती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में AAP और भाजपा के बीच मुकाबला लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस की मौजूदगी पहले की तुलना में कमजोर मानी जा रही है, ऐसे में मुख्य मुकाबला इन दोनों दलों के बीच देखा जा रहा है।
AAP ने सोशल मीडिया पर भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी लगातार वीडियो, पोस्ट और डिजिटल अभियानों के जरिए जनता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। युवाओं और शहरी वोटरों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दिल्ली की राजनीति में प्रशासनिक अधिकारों का मुद्दा भी लगातार चर्चा में बना रहता है। उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच अधिकारों को लेकर कई बार टकराव देखने को मिला है। AAP नेताओं का आरोप है कि निर्वाचित सरकार के कामकाज में दखल दिया जाता है। वहीं भाजपा का कहना है कि प्रशासन संवैधानिक नियमों के अनुसार काम कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की राजनीति अब केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रह गई है। यहां की राजनीतिक बहस का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई देता है। यही कारण है कि सभी प्रमुख दल दिल्ली में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहते हैं।
AAP कार्यकर्ताओं के बीच भी पार्टी के नए अभियान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले समय में जनसभाएं, जनसंवाद और घर-घर संपर्क अभियान चलाए जाएंगे।
वहीं भाजपा भी दिल्ली में संगठन मजबूत करने और जनता के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने में जुटी हुई है। पार्टी का फोकस कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मुद्दों पर बना हुआ है।
कुल मिलाकर दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर मुकाबला तेज होता दिखाई दे रहा है। AAP का आक्रामक रुख साफ संकेत देता है कि पार्टी आने वाले राजनीतिक संघर्ष के लिए पूरी तैयारी में जुट चुकी है। आने वाले महीनों में दिल्ली का राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म होने की संभावना है।
![]()
Comments are off for this post.