Last updated: May 19th, 2026 at 05:27 am

बिहार की सियासत में इन दिनों निशांत कुमार को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने निशांत कुमार के समर्थन में खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि निशांत की सादगी और जनता के बीच बढ़ती लोकप्रियता से विपक्ष बेचैन हो गया है।
JDU ने बताया कार्यकर्ताओं की पसंद
पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी अपने बेटे को राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि निशांत कुमार राजनीति में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के आग्रह पर सक्रिय हुए हैं।
JDU नेताओं के मुताबिक बिहार में चल रही उनकी ‘सद्भाव यात्रा’ को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है और जनता उन्हें एक सकारात्मक छवि वाले नेता के रूप में देख रही है।
तेजस्वी यादव पर पलटवार
जदयू नेताओं ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि निशांत कुमार की बढ़ती सक्रियता से राजद नेतृत्व असहज महसूस कर रहा है, इसलिए लगातार उन पर राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं।
राबड़ी देवी का उदाहरण देकर घेरा
JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव यह सवाल उठा रहे हैं कि बिना किसी सदन के सदस्य बने कोई मंत्री कैसे बन सकता है, तो उन्हें अपने परिवार के राजनीतिक इतिहास को भी याद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 में राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया गया था, जबकि उस समय वह किसी सदन की सदस्य नहीं थीं। जदयू ने इसे राजनीतिक परंपरा का हिस्सा बताते हुए राजद पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
निशांत कुमार को लेकर जदयू की आक्रामक रणनीति ने बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है। राजनीतिक जानकार इसे आने वाले चुनावों से पहले नई पीढ़ी की राजनीतिक तैयारी के तौर पर भी देख रहे हैं।
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