Last updated: May 28th, 2026 at 09:02 am

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में ईद-उल-अज़हा का त्योहार बुधवार को पूरे धार्मिक उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। राजधानी श्रीनगर स्थित दरगाह हज़रतबल समेत घाटी के विभिन्न ईदगाहों और दरगाहों में हजारों लोगों ने विशेष नमाज़ अदा की। त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से व्यापक इंतज़ाम किए गए थे।
सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग हज़रतबल दरगाह पहुंचने लगे थे। नमाज़ के दौरान लोगों ने राज्य में शांति, तरक्की और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। धार्मिक विद्वानों ने अपने संबोधन में समाज को नशे से मुक्त बनाने की जरूरत पर जोर दिया और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त अभियान’ की सराहना की। साथ ही जम्मू-कश्मीर में शराबबंदी लागू करने की मांग भी उठाई गई।
प्रशासन और पुलिस की विशेष व्यवस्था
SSP श्रीनगर डॉ. संदीप चक्रवर्ती ने व्यक्तिगत रूप से इस पहल में हिस्सा लिया; उनके साथ SP हज़रतबल हिलाल ख़ालिक़ और DySP आशिक़ हुसैन भी मौजूद थे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नमाज़ियों और आम लोगों को ईद की शुभकामनाएँ दीं।
इस मौके पर घाटीभर में सुरक्षा, ट्रैफिक कंट्रोल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष इंतज़ाम किए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक सभी जिलों में ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
इस दौरान श्रीनगर पुलिस ने लोगों के बीच मिठाइयां बांटकर भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं और त्योहार को सौहार्दपूर्ण बनाने की अपील की।
कई बड़े नेता हुए शामिल
ईद-उल-अज़हा की नमाज़ में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपने पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला के साथ शामिल हुए। वहीं पीडीपी प्रमुखमहबूबा मुफ़्ती ने भी हज़रतबल दरगाह पहुंचकर नमाज़ अदा की। त्योहार के अवसर पर पूरे कश्मीर में लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआएं मांगीं।
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