Last updated: May 30th, 2026 at 03:50 am

पटना/गोपालगंज : बिहार के चर्चित नेता और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह से जुड़े आर्म्स एक्ट मामले में जांच का दायरा और बढ़ गया है। राज्य सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी है। इसके बाद गोपालगंज पुलिस ने केस से संबंधित सभी दस्तावेज और साक्ष्य CID को हस्तांतरित कर दिए हैं।
मामले की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई थी, जिसमें कुछ लोगों को कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन करते हुए देखा गया था। यह वीडियो गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के एक कार्यक्रम का बताया गया था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और मामले की जांच शुरू की गई।
प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने पूर्व विधायक अनंत सिंह, एक भोजपुरी गायक और अन्य लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद वीडियो में दिखाई देने वाले हथियारों की वैधता और उपयोग की परिस्थितियों की जांच शुरू की गई। संबंधित लोगों को हथियारों और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस ने मामले में कुछ अतिरिक्त कानूनी पहलुओं को शामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू की थी। इसी बीच राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच CID को सौंपने का फैसला लिया। अब CID की विशेष टीम वीडियो, हथियारों और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत पड़ताल करेगी।
इस मामले में कानूनी प्रक्रिया भी जारी है और अदालत में संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। जांच एजेंसी बदलने के बाद अब सभी की नजर CID की रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
राजनीतिक रूप से भी यह मामला चर्चा में बना हुआ है। विभिन्न दलों की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
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