Last updated: June 2nd, 2026 at 08:37 am

कुलगाम: जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर’ अभियान को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के कारोबार पर लगाम लगाने से आतंकवादी नेटवर्क की आर्थिक ताकत कमजोर हुई है और प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिली है।
कुलगाम जिले में आयोजित एक जन-जागरूकता पदयात्रा के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल स्वास्थ्य या सामाजिक सुधार का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से मिलने वाला धन अक्सर आतंकवादी गतिविधियों तक पहुंचता है, इसलिए इस नेटवर्क को तोड़ना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। प्रशासन, पुलिस, शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भागीदारी से यह अभियान जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
उपराज्यपाल ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए एक ओर जहां तस्करों और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और जागरूकता कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि बीते कुछ सप्ताहों में सुरक्षा एजेंसियों ने नशे के कारोबार से जुड़े कई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं और कई संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी तेज की गई है।
मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को सुरक्षित, समृद्ध और नशामुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम को जन आंदोलन बनाएं और युवाओं को सही दिशा देने में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
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