Last updated: June 3rd, 2026 at 07:27 am

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक असंतोष एक बार फिर सुर्खियों में है। विधानसभा में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 60 TMC विधायक विधानसभा पहुंचे हैं और एक अलग राजनीतिक समूह बनाने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ये विधायक पार्टी के भीतर एक नया शक्ति केंद्र बनाने की कोशिश में हैं और जल्द ही विधानसभा स्पीकर को एक औपचारिक प्रस्ताव सौंप सकते हैं। इसमें विपक्षी दल के नेता और मुख्य सचेतक जैसे पदों को लेकर भी दावा किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि इस संभावित नए गुट का नेतृत्व TMC से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बंद्योपाध्याय को दिया जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि उनके पास दो-तिहाई विधायकों का समर्थन है, जो किसी भी बड़ी राजनीतिक टूट का संकेत माना जा रहा है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा ने विपक्ष के नेता से जुड़े एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षरों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। इसके बाद मामला विधानसभा सचिवालय तक पहुंचा और जांच शुरू कर दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने दोनों विधायकों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों का जिम्मेदार बताया। इसके बाद TMC ने दोनों नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
फिलहाल विधानसभा में विधायकों की बैठकें जारी हैं और राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को TMC के लिए बड़ा आंतरिक संकट माना जा रहा है।
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