Last updated: June 7th, 2026 at 07:40 am

पटना। बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उन खबरों को खारिज किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि राबड़ी देवी ने अपनी सुरक्षा स्वेच्छा से वापस कर दी है।
मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं राबड़ी देवी से बातचीत की है और उनके अनुसार सुरक्षा लौटाने का कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया था।
तेज प्रताप के मुताबिक, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने राबड़ी देवी को एक दस्तावेज दिखाया था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और जवानों की संख्या कम किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद राबड़ी देवी ने संबंधित कर्मियों को वहां से जाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को सुरक्षा लौटाने के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। तेज प्रताप ने कहा कि उनकी माता की तबीयत ठीक नहीं है और इसी कारण वह उनसे मिलने पहुंचे थे।
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिनमें बेरोजगारी, अपराध और विकास प्रमुख हैं, लेकिन सरकार का ध्यान इन विषयों की बजाय अन्य मुद्दों पर केंद्रित दिखाई दे रहा है।
तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि आम लोगों को सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जबकि सत्ता में बैठे लोग बड़े सुरक्षा काफिलों के साथ चल रहे हैं। उन्होंने सरकार से जनता से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की अपील की।
इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार जारी है। ऐसे में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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