Last updated: June 10th, 2026 at 05:51 am

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद को लेकर एक बार फिर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।
अखिलेश यादव ने कहा कि मामले को लेकर लगातार अलग-अलग तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि मीडिया के कुछ वर्गों में हिरासत और कार्रवाई से जुड़ी खबरें प्रसारित हुईं, लेकिन बाद में संबंधित एजेंसियों की ओर से अलग बयान सामने आए।
सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि यदि मामले में कोई अनियमितता नहीं हुई है तो प्रशासन और संबंधित संस्थाओं को स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि लोगों के मन में किसी तरह की शंका न रहे।
अपने बयान में अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि कथित गड़बड़ियों की जांच किस स्तर तक पहुंची है और मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सपा प्रमुख ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि संवेदनशील वित्तीय प्रक्रियाओं में निजी संस्थाओं की भूमिका क्या थी और उन्हें किस आधार पर जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब चाहती है। उनके अनुसार, आस्था से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर संबंधित प्रशासनिक और सरकारी पक्ष की ओर से पहले भी विभिन्न स्तरों पर स्पष्टीकरण दिए जा चुके हैं। फिलहाल राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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