Last updated: June 11th, 2026 at 08:51 am

पटना: बिहार सरकार ने भूमि संबंधी लंबित मामलों के तेजी से निपटारे के लिए राज्यभर में विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 11 जून से 17 जून तक सभी प्रखंडों और अंचलों में संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य राजस्व संबंधी लंबित आवेदनों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान को लेकर विभागीय स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को गंभीरता से लिया जाए और निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि आम लोगों को भूमि संबंधी सेवाएं समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में अनावश्यक देरी या लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि विभाग के पास बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सभी आवेदनों को डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित कर उनकी निगरानी की जा रही है ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने या कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि विभाग पहले से ही लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। हाल ही में हुई समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को समय सीमा के भीतर दाखिल-खारिज, जन शिकायत, अभियान बसेरा और अन्य मामलों का समाधान करने के निर्देश दिए गए थे।
विभाग का कहना है कि भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में अब तक कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है।
सरकार को उम्मीद है कि इस विशेष अभियान के माध्यम से हजारों लंबित मामलों का समाधान होगा और लोगों को भूमि संबंधित सेवाओं के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
![]()
Comments are off for this post.