Last updated: June 17th, 2026 at 03:51 am

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों और दावों को लेकर सुर्खियों में है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के सांसदों को पाला बदलने के लिए भारी रकम का ऑफर दिया जा रहा है, जिससे राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।
संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि शिवसेना के सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश कर उन्हें पार्टी बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने इस स्थिति को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया।
इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट और असंतोष की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हाल के दिनों में कुछ सांसदों के असंतोष और पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाए रखने की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद राजनीतिक अटकलों को और बल मिला है।
उद्धव गुट पर बढ़ता दबाव
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद दिल्ली में सक्रिय हैं और विभिन्न राजनीतिक मुलाकातों के कारण स्थिति और जटिल हो गई है। पार्टी के भीतर मतभेद की खबरों ने संगठन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वहीं, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री प्रताप सरनाईक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो भी जनप्रतिनिधि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, उनके लिए एकनाथ शिंदे गुट के दरवाजे खुले हैं।
संजय राउत का पलटवार
इन अटकलों के बीच संजय राउत ने स्पष्ट किया कि शिवसेना के सभी सांसद एकजुट हैं और किसी तरह का विभाजन नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि पार्टी कैडर आधारित संगठन है और इसमें व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव का प्रभाव नहीं पड़ता।
राउत ने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को कमजोर करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।
राजनीतिक हलचल और संभावित बदलाव
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना के कुछ सांसदों के अलग रुख अपनाने और संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण की चर्चाएं भी तेज हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की सियासत में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी की नजरें शिवसेना (यूबीटी) नेतृत्व और उनके सांसदों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।
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