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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम : सासाराम में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, 210 जीविका दीदियों ने लिया हिस्सा

सासाराम (रोहतास)। महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में रविवार को
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सासाराम (रोहतास)। महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में रविवार को रोहतास जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। सासाराम स्थित जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी.आर.डी.ए.) सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आईं 210 जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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    कार्यक्रम का शुभारंभ रोहतास की जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती उदिता सिंह ने मुख्यमंत्री के संबोधन के साथ किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्री विजय कुमार पांडे तथा जिला परियोजना प्रबंधक श्री सुधीर बहादुर भी उपस्थित रहे। तीनों अधिकारियों ने महिलाओं के बीच योजना की विस्तृत जानकारी साझा की और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

    महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

    अपने संबोधन में जिला परियोजना प्रबंधक श्री सुधीर बहादुर ने कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे परिवार और समाज में अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना महिलाओं के जीवन में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह सहायता उन्हें दुकान, सेवा केंद्र, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण इकाई या अन्य लघु उद्योग शुरू करने में मददगार होगी।

    शिकायत का कोई अवसर नहीं होना चाहिए – डीडीसी

    इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री विजय कुमार पांडे ने योजना को महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं सिर्फ घरेलू कामों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाएंगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस योजना से जुड़ने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार की शिकायत का अवसर नहीं होना चाहिए। अधिकारियों और जीविका टीम की जिम्मेदारी है कि हर पात्र महिला तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

    दीदियों ने साझा कीं अपनी इच्छाएं

    कार्यक्रम में शामिल 210 जीविका दीदियों ने अपने-अपने उद्यम शुरू करने की इच्छाएं साझा कीं। इनमें सिलाई-कढ़ाई केंद्र, खाद्य प्रसंस्करण इकाई, ब्यूटी पार्लर और छोटी दुकानों की स्थापना प्रमुख रही। दीदियों ने कहा कि इस योजना से उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिलेगा। कई महिलाओं ने बताया कि वे वर्षों से स्वरोजगार का सपना देख रही थीं, जो अब सच होने जा रहा है।

    पटना से देखा मुख्यमंत्री का संबोधन

    इस मौके पर सभी दीदियों ने पटना में आयोजित मुख्य समारोह को वर्चुअल माध्यम से देखा और माननीय मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। मुख्यमंत्री ने राज्यभर की महिलाओं से अपील की कि वे इस योजना का केवल वित्तीय सहयोग तक ही सीमित उपयोग न करें, बल्कि प्रशिक्षण के अवसरों का भी पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि मेहनत और समर्पण के साथ काम करने पर महिलाएं न केवल अपने परिवार का सहारा बनेंगी, बल्कि समाज और राज्य की प्रगति में भी अहम योगदान देंगी।

    आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार

    डीएम श्रीमती उदिता सिंह ने कहा कि इस योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफल उद्यमी बनकर दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। डीएम ने कहा कि सरकार की मंशा सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर उन्हें वास्तविक अर्थों में आत्मनिर्भर बनाना है।

    जिम्मेदारी और समर्पण की अपील

    अधिकारियों ने महिलाओं से कहा कि योजना का लाभ लेकर वे अपने काम के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण दिखाएं। केवल वित्तीय सहायता लेने तक सीमित रहना उचित नहीं होगा। प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जुड़कर ही महिलाएं सफलता की नई ऊँचाइयाँ हासिल कर सकती हैं।

    भविष्य की ओर कदम

    कार्यक्रम में उपस्थित दीदियों की ऊर्जा और उत्साह यह स्पष्ट कर रहा था कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना जिले में महिलाओं की आर्थिक स्थिति बदलने का माध्यम बनेगी। महिलाएं अब रोजगार सृजन के नए अवसर तलाशेंगी और समाज की मुख्यधारा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगी।

     

    डीएम, डीडीसी और जिला परियोजना प्रबंधक के मार्गदर्शन के बीच यह कार्यक्रम न सिर्फ महिलाओं के लिए प्रेरणादायी रहा, बल्कि जिले के प्रशासनिक स्तर पर भी यह संदेश गया कि सरकार की प्राथमिकताओं में महिलाओं का सशक्तिकरण सर्वोपरि है।

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