Last updated: December 8th, 2025 at 06:47 pm

रोहतास। रोहतास जिले के कैमूर पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक रोहतासगढ़ किला परिसर में रविवार को सातवां शाहाबाद महोत्सव ऐतिहासिक भव्यता और सांस्कृतिक उत्साह के साथ संपन्न हो गया। इस महोत्सव में शाहाबाद क्षेत्र से अलग हो चुके रोहतास, भोजपुर, कैमूर और बक्सर जिले के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हजारों दर्शकों की मौजूदगी में पूरा रोहतासगढ़ परिसर सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया।
महोत्सव के दौरान आयोजित मुख्य सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शाहाबाद की ऐतिहासिक विरासत, गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा इसके संरक्षण और पर्यटन विकास पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि शाहाबाद क्षेत्र इतिहास, संस्कृति और पर्यटन की अपार संभावनाओं से भरा हुआ है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।
महोत्सव में छात्र-छात्राओं एवं लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य व संगीत कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति पर आधारित नृत्य एवं गीत प्रस्तुत कर सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा दिया। लोक कलाकारों के गीत-संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने शाहाबाद की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया, जिसकी दर्शकों ने खूब सराहना की।
इस अवसर पर शाहाबाद स्मारिका का विधिवत विमोचन भी किया गया। साथ ही शाहाबाद के महापुरुषों और प्रमुख पर्यटन स्थलों की तैल चित्र प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने लोगों का विशेष आकर्षण खींचा। महोत्सव परिसर में शाहाबाद क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए, जहां लोगों ने स्थानीय स्वाद का आनंद लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह, चेनारी विधायक मुरारी प्रसाद गौतम, डेहरी विधायक सोनू सिंह, सासाराम विधायक स्नेहलता कुशवाहा, जदयू के वरिष्ठ नेता भगवान सिंह कुशवाहा, पूर्व नौसेना अध्यक्ष एसके सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने शाहाबाद महोत्सव की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र की पहचान और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा कि शाहाबाद को उसकी पुरानी पहचान दिलाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने के उद्देश्य से हर वर्ष शाहाबाद महोत्सव का आयोजन किया जाता है। अब इसका सकारात्मक असर भी दिखने लगा है। उन्होंने इसके सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों, कलाकारों और प्रशासन का आभार जताया।
महोत्सव के समापन पर अतिथियों ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया। सातवें शाहाबाद महोत्सव ने रोहतासगढ़ के प्राचीन वैभव के बीच आधुनिक सांस्कृतिक चेतना का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
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