Last updated: October 6th, 2025 at 04:51 pm

कोचस (रोहतास)। कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर सरकार की ओर से चलाए जा रहे “कुष्ठ खोजी पखवाड़ा” अभियान की शुरुआत कोचस प्रखंड में की गई। इस अवसर पर सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोचस में एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता चिकित्सा प्रभारी डॉ. तुषार कुमार ने की। बैठक में प्रखंड के सभी आशा कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए गए कि वे गांव-गांव जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान करें और उनका पूरा विवरण नाम, पता व मोबाइल नंबर के साथ तैयार कर स्वास्थ्य केंद्र को उपलब्ध कराएं।
बैठक में चिकित्सा प्रभारी डॉ. तुषार कुमार ने कहा कि यह अभियान पूरे प्रखंड क्षेत्र में लगातार 15 दिनों तक चलेगा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगी और चिन्हित किए गए कुष्ठ रोगियों की सूची तैयार करेंगी। इन सूचनाओं को संकलित कर जिला स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा, जिससे चिन्हित मरीजों का शीघ्र उपचार शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र के किसी भी गांव या टोले में कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति को उपचार से वंचित न रहने देना है।
डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा इस अभियान को अत्यंत प्राथमिकता दी जा रही है। कुष्ठ रोगियों के लिए सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ चिन्हित मरीजों को मिलेगा। इनमें विकलांगता प्रमाणपत्र जारी करने, आर्थिक सहायता प्रदान करने, नियमित दवा वितरण और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। चिन्हित रोगियों को लेप्रोसी किट भी दी जाएगी, जिससे उन्हें स्वच्छता एवं उपचार में सहूलियत होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में रहने वाले ऐसे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक बीमारी छिपाकर या जानकारी के अभाव में उपचार से वंचित रहे हैं। इस अभियान के तहत न केवल रोगियों की पहचान होगी बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचाने का भी अवसर मिलेगा।
चिकित्सा प्रभारी ने सभी आशा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से घर-घर जाकर जांच करें। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है, बशर्ते समय पर पहचान और इलाज हो। इसलिए आवश्यक है कि हर संभावित रोगी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे।
डॉ. तुषार कुमार ने कहा कि कुष्ठ खोजी पखवाड़ा न केवल एक स्वास्थ्य अभियान है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच इस रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान की निगरानी नियमित रूप से की जाएगी और हर आशा कार्यकर्ता को अपने क्षेत्र की रिपोर्ट समय पर जमा करनी होगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि प्रखंड क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को इलाज से वंचित न रहने दिया जाए। सरकार के इस कदम से निश्चित रूप से कोचस क्षेत्र के कुष्ठ रोगियों को बड़ा लाभ मिलेगा और समाज में स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया जाएगा।
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