Last updated: December 16th, 2025 at 05:44 am

सासाराम (रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को नारायण विधि संकाय और पैरवी के संयुक्त तत्वावधान में पारा लीगल वालंटियर के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों और समुदाय के लोगों को न्याय, किशोर न्याय एवं बाल संरक्षण से जुड़े व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी देना है, ताकि आम लोगों तक न्याय की पहुंच को सशक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. कुमार आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण विधि के छात्रों और समाज के बीच अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे प्रयास न्याय व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हैं और आमजन को कानूनी सहायता से जोड़ने में सहायक होते हैं।
नारायण विधि संकायाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार सरोज ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बालकों के संवैधानिक अधिकारों और बाल संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में न्याय की स्थापना में प्रशिक्षित पारा लीगल वालंटियर की भूमिका बेहद अहम है।
पैरवी के प्रतिनिधि दीनबंधु वत्स ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। इस वर्ष प्रतिभागियों को दो और चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनकी समझ और क्षमता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
प्रशिक्षण में नारायण स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों के साथ-साथ समुदाय के लोग भी शामिल हैं। प्रतिभागियों को किशोर न्याय कानून और बाल संरक्षण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए विख्यात बाल अधिकार कार्यकर्ता सुनील झा को रिसोर्स पर्सन के रूप में आमंत्रित किया गया है।
इस अवसर पर मानवाधिकार कार्यकर्ता संतोष उपाध्याय की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता दिखाते हुए इस पहल को समाज के लिए उपयोगी बताया।
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