Last updated: October 25th, 2025 at 02:11 am

सासाराम। बिहार की आस्था और लोकपरंपरा के सबसे बड़े पर्व छठ को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। गुरुवार को जिलाधिकारी श्रीमती उदिता सिंह ने सासाराम अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने लालगंज नहर, मुरादाबाद, बेदा समेत कुल 18 प्रमुख छठ घाटों और कृत्रिम तालाबों की स्थिति का विस्तार से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक रोहतास, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त सासाराम, अनुमंडल पदाधिकारी सासाराम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सासाराम, जिला आपदा पदाधिकारी सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छठ जैसे महापर्व पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि छठ बिहार की सांस्कृतिक पहचान है, अतः इसे स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण हिदायतें दीं। उन्होंने कहा कि—
सभी घाटों, मार्गों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई प्रतिदिन कराई जाए।
नगर निगम और पंचायत स्तर पर विशेष सफाई दल गठित हों, जो छठ के चारों दिन सक्रिय रहें।
घाटों पर डस्टबिन की व्यवस्था रहे ताकि कचरा और प्लास्टिक का उचित निस्तारण हो सके।
नदी घाट के पहुंच मार्गों की मरम्मत, गड्ढों की भराई तथा फिसलन रोकने हेतु रेत-मिट्टी डाली जाए।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
डीएम ने बताया कि सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, होमगार्ड, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की संयुक्त टीम तैनात रहेगी। वज्रवाहक पुलिस वाहन, लाइफ जैकेट और रेस्क्यू बोट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला थाना की टीमों के साथ महिला स्वयंसेवी संगठनों की वॉलंटियर्स भी तैनात रहेंगी।
रात्रि के समय बेहतर निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे से घाटों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रत्येक घाट पर 24 घंटे सक्रिय निगरानी बूथ और कंट्रोल रूम की व्यवस्था रहेगी।
यातायात एवं जनसुविधा पर विशेष व्यवस्था
छठ के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात की रूपरेखा तैयार की गई है। सभी बड़े घाटों के पास दोपहिया, चारपहिया एवं रिक्शा के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए जा रहे हैं। सासाराम शहर में सोन नदी तट की ओर से आने-जाने वाले मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू रहेगी। भीड़ नियंत्रण के लिए दोनों ओर बैरिकेडिंग और स्वयंसेवी युवाओं की तैनाती की जाएगी।
वृद्धजनों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता काउंटर बनाए जाएंगे। सभी घाटों पर स्थायी एवं अस्थायी रूप से एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। बिजली बाधित न हो, इसके लिए जनरेटर बैकअप की व्यवस्था की गई है। पीएचईडी विभाग द्वारा पेयजल टैंकर और स्टॉल लगाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक प्रमुख घाट पर मेडिकल कैम्प स्थापित किया जाएगा।
एंबुलेंस, ऑक्सीजन सिलिंडर, प्राथमिक चिकित्सा किट और चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखा जाएगा ताकि किसी भी आपात सूचना या शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
आपदा प्रबंधन दल रहेगा अलर्ट
डीएम ने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने को कहा।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि माइक और डीजे के अनियंत्रित प्रयोग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि छठ पर्व से पूर्व सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में सूर्योपासना कर सकें।
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