Last updated: October 7th, 2026 at 10:43 am

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी शामिल हुए। प्रदर्शन में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सवाल उठाते हुए इस्तीफे की मांग की। इसी बीच अखिलेश यादव की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गई। तस्वीर में वह अपने पारंपरिक लाल टोपी वाले अंदाज से अलग नजर आए।
सफेद कुर्ता-पायजामा और काली सदरी में दिखे सपा प्रमुख
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर में अखिलेश यादव सफेद कुर्ता-पायजामा, काली सदरी और गले में लाल गमछा पहने दिखाई दे रहे हैं। आम तौर पर अखिलेश यादव सार्वजनिक कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजनीतिक प्रदर्शनों में लाल टोपी पहने नजर आते हैं।
ऐसे में बिना लाल टोपी वाली उनकी तस्वीर ने सपा समर्थकों का ध्यान खींचा। पार्टी नेताओं और समर्थकों ने तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया और अपने-अपने अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
प्रिया सरोज समेत कई नेताओं ने शेयर की फोटो
सपा सांसद प्रिया सरोज समेत पार्टी के कई नेताओं ने अखिलेश यादव की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसके बाद समर्थकों के बीच फोटो को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
एक समर्थक ने तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “पीडीए ने ली अंगड़ाई, बदलाव की आहट लाई, नई सुबह फिर लाई।” वहीं, कुछ समर्थकों ने अखिलेश यादव को 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के दावेदार के तौर पर पेश करते हुए भी प्रतिक्रिया दी।
पहले भी चर्चा में रहा है अखिलेश का लुक
अखिलेश यादव के अलग अंदाज वाली तस्वीरें इससे पहले भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रही हैं। कुछ महीने पहले उनके एयरपोर्ट लुक को लेकर भी समर्थकों के बीच काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। सपा की राजनीति में लाल टोपी की खास पहचान रही है। अखिलेश यादव के साथ उनके पिता और पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक पहचान भी लंबे समय तक लाल टोपी से जुड़ी रही है।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में क्या बोले अखिलेश?
दिल्ली में विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आयोग से निष्पक्ष तरीके से काम करने की मांग की और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को किसी राजनीतिक दल के इशारे पर काम नहीं करना चाहिए।
अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग का काम वोट बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करना है। उन्होंने आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष की चिंताओं को भी सामने रखा।
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