Last updated: April 13th, 2026 at 11:38 am

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य की जनता भय और हिंसा का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से वोट के जरिए देगी।
मयूरेश्वर में हुई जनसभा में शाह ने दावा किया कि चुनाव के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है और भाजपा सरकार बनने पर कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के दौरान राज्य में सिंडिकेट और माफिया तंत्र मजबूत हुआ है, जिसे खत्म करना जरूरी है।
गृह मंत्री ने कहा कि चुनाव के बाद राज्य में विकास का नया दौर शुरू होगा और लोगों को भयमुक्त वातावरण मिलेगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे बिना डर के मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत करें।
शाह ने चुनावी हिंसा पर भी चिंता जताते हुए चेतावनी दी कि गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चुनाव के बाद कानून का राज स्थापित किया जाएगा और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
घुसपैठ और सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत सीमा क्षेत्रों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों में पर्याप्त सहयोग नहीं किया।
इसके अलावा, उन्होंने भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है तो सभी घोटालों की जांच कर दोषियों से जवाबदेही तय की जाएगी।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी शाह ने राज्य सरकार को घेरा और कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून व्यवस्था से महिलाएं अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आक्रामक तेवरों के जरिए भाजपा चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है, जिससे राज्य की सियासत और तेज हो गई है।
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