Last updated: June 29th, 2026 at 03:16 pm

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक देशभक्ति गीत नहीं, बल्कि भारत के पुनर्निर्माण और राष्ट्रीय चेतना का प्रेरक मंत्र है। उन्होंने यह बात नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कही।
अमित शाह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों में आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुसार, यह गीत केवल आजादी के आंदोलन का नारा नहीं था, बल्कि देश को एकजुट करने का भी माध्यम बना।
उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि अनेक क्रांतिकारियों ने ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष करते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। शाह ने कहा कि आज भी यह गीत हर भारतीय के लिए प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बना हुआ है।
बैठक के दौरान गृह मंत्री ने नशा-मुक्त भारत अभियान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य देश में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे की बढ़ती समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते खतरे, डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी पर रोक लगाने और नशा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए अगले तीन वर्षों में रिहैबिलिटेशन सेंटरों का विस्तार करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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