Last updated: October 26th, 2026 at 11:05 am

बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह के JDU से निष्कासन के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की गई है। इस बीच JDU के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और संजय झा दिल्ली में एक साथ नजर आए। जब मीडिया ने उनसे अनंत सिंह को लेकर सवाल पूछे, तो दोनों नेताओं ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए।
दरअसल, बिहार विधान परिषद की सीटों को लेकर जारी चुनावी गतिविधियों के बीच अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने कथित तौर पर ऐलान किया था कि वह किसी भी हाल में नीरज कुमार को चुनाव नहीं जीतने देंगे। इसके बाद अनंत सिंह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते नजर आए। उन्होंने पटना से लेकर नवादा तक उनके पक्ष में वोट की अपील की।
अनंत सिंह के इस रुख के बाद JDU के भीतर मतभेदों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। माना जा रहा था कि पार्टी के किसी बड़े नेता का समर्थन मिलने के कारण ही वह खुलकर विरोध कर रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस विवाद के बीच मुंगेर से सांसद ललन सिंह को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई। लेकिन ललन सिंह ने इस मामले में अपनी सीमाएं जाहिर कीं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार द्वारा अनंत सिंह के खिलाफ काम किए जाने पर पार्टी ने क्या कार्रवाई की थी।
दूसरी ओर, JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा की ओर से अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही थी। दोनों वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग रुख के कारण पार्टी के भीतर मतभेदों की अटकलें तेज हो गई थीं।
इसके बाद पार्टी ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। साथ ही, अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग को लेकर भी कदम उठाए गए।
अब कार्रवाई के बाद ललन सिंह और संजय झा का दिल्ली में एक साथ नजर आना चर्चा का विषय बन गया है। मीडिया के सवालों पर दोनों की चुप्पी ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दी है। हालांकि, दोनों नेताओं के साथ दिखने या सवालों का जवाब नहीं देने से किसी राजनीतिक साजिश की पुष्टि नहीं होती। फिलहाल, यह सवाल बना हुआ है कि अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के पीछे पार्टी के भीतर क्या परिस्थितियां रहीं।
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