Last updated: June 19th, 2026 at 08:18 am

Apple के सीईओ टिम कुक ने संकेत दिया है कि मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है। उन्होंने इस स्थिति को अस्थिर बताया है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में टिम कुक ने कहा कि कंपनी ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ कम करने की पूरी कोशिश कर रही है, लेकिन चिप की बढ़ती लागत के कारण दबाव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन उत्पादों की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण मेमोरी चिप्स की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। बड़े AI मॉडल्स के लिए हाई-परफॉर्मेंस GPU, CPU और मेमोरी चिप्स की भारी जरूरत पड़ रही है, जिससे वैश्विक सप्लाई पर असर पड़ा है।
इस बढ़ती मांग के बीच साउथ कोरिया की SK Hynix, Samsung और अमेरिका की Micron जैसी प्रमुख चिप कंपनियों के शेयर भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इन कंपनियों का बाजार मूल्यांकन अब एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI सेक्टर में बढ़ते निवेश और डेटा सेंटर विस्तार के कारण मेमोरी चिप्स की मांग आने वाले समय में और बढ़ सकती है। इसका सीधा असर Apple जैसी कंपनियों पर पड़ सकता है, जो अपने iPhone, iPad और अन्य डिवाइसेज़ के लिए इन चिप्स पर निर्भर हैं।
Apple के आगामी iPhone लॉन्च को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। उम्मीद है कि कंपनी जल्द ही नया iPhone पेश कर सकती है, जिसमें फोल्डेबल मॉडल भी शामिल हो सकता है। वहीं दूसरी ओर Amazon AWS और Alphabet जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही हैं, जिससे चिप सप्लाई चेन पर दबाव और बढ़ गया है।
कुल मिलाकर, AI की बढ़ती मांग और चिप सप्लाई की कमी टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है, जिसका असर आने वाले समय में उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों पर भी देखा जा सकता है।
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