Last updated: October 12th, 2025 at 06:37 am

रोहतास, 11 अक्टूबर 2025।
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के दृष्टिगत आज जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, रोहतास की अध्यक्षता में मीडिया कोषांग द्वारा समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी और मीडिया बंधु भी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को बताया गया कि इस बार विशेष रूप से न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जाएगी। जिला स्तर पर गठित मीडिया सर्टिफिकेशन मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस समिति का प्रमुख उद्देश्य भ्रामक, आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले या बिना अनुमोदन के प्रसारित किए जा रहे राजनीतिक विज्ञापनों की निगरानी करना है।
जानकारी दी गई कि किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या उनके प्रतिनिधि द्वारा टीवी, रेडियो, केबल नेटवर्क, सोशल मीडिया चैनल, न्यूज पोर्टल या सिनेमा हॉल पर कोई भी विज्ञापन (ऑडियो/वीडियो/टेक्स्ट/ग्राफिक) प्रसारित करने से पहले MCMC से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना प्रमाणन के प्रसारित सामग्री को आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, ट्विटर (X), व्हाट्सएप आदि पर पेड या स्पॉन्सर्ड कंटेंट भी प्रमाणन के दायरे में आता है।
व्यक्तिगत अकाउंट से की गई सामान्य राजनीतिक अभिव्यक्ति को प्रमाणन की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन यदि वह प्रचार स्वरूप या भुगतान आधारित है, तो प्रमाणन लेना अनिवार्य है।
प्रशिक्षण में बताया गया कि समिति का एक प्रमुख कार्य पेड न्यूज की पहचान और रिपोर्टिंग भी है। किसी समाचार पत्र, चैनल या न्यूज पोर्टल पर यदि किसी उम्मीदवार/दल के पक्ष में विज्ञापन जैसा समाचार प्रकाशित होता है, तो MCMC इसे रिपोर्ट कर सकती है और संबंधित उम्मीदवार के चुनाव व्यय खाते में उस राशि को जोड़ा जाएगा। विज्ञापन केवल समिति द्वारा जांच और प्रमाणन के बाद ही प्रसारित किया जा सकता है।
इसके अलावा, किसी भी प्रचार सामग्री में जाति, धर्म, समुदाय, भाषा या क्षेत्र के खिलाफ भेदभाव, नफरत फैलाने वाली सामग्री, झूठे दावे, राष्ट्रीय प्रतीक, तिरंगा, सेना या संविधान का अनुचित उपयोग नहीं होना चाहिए।
चुनाव अवधि के दौरान समिति द्वारा मीडिया मॉनिटरिंग रूम से सभी चैनलों, अखबारों और सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध सामग्री की क्लिपिंग/स्क्रीनशॉट रखकर जांच की जाएगी। यदि किसी सामग्री को पेड न्यूज पाया जाता है, तो संबंधित उम्मीदवार को नोटिस जारी किया जाएगा और उन्हें स्पष्टीकरण का अवसर दिया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार को भेजी जाएगी।
मीडिया प्रतिनिधियों को यह भी निर्देशित किया गया कि संबंधित राजनीतिक दल अपने मीडिया प्रभारी को प्रमाणन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दें और प्रचार सामग्री समय से जमा करें ताकि अंतिम क्षणों में किसी देरी की स्थिति न बने। केवल समिति से प्रमाणित सामग्री ही मीडिया में प्रसारित की जाएगी।
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