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सासाराम में संस्कृत शिक्षा को लेकर जागरूकता, अध्यक्ष मृत्युंजय झा का भव्य सम्मान समारोह आयोजित

सासाराम, 26 जुलाई 2025: प्राथमिक सह मध्य संस्कृत विद्यालय, सुखारी टोला कर्मा, सासाराम में बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना के
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सासाराम, 26 जुलाई 2025: प्राथमिक सह मध्य संस्कृत विद्यालय, सुखारी टोला कर्मा, सासाराम में बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड पटना के माननीय अध्यक्ष श्री मृत्युंजय झा का भव्य सम्मान सह अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर प्रदेश भर से कई गणमान्य अतिथि, जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

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    कार्यक्रम में बिहार विधान परिषद की सदस्य श्रीमती निवेदिता सिंह, सासाराम नगर निगम की मेयर काजल कुमारी, जिला पार्षद नेहा नटराज, बोर्ड के सदस्य अरुण झा, SSA के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रोहित रौशन, तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के महासचिव शोभा कांत झा जैसे विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। मंच का संचालन विकास पांडे ने कुशलता से किया और कार्यक्रम का मीडिया कवरेज रवि कुमार द्वारा किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्प वर्षा एवं पारंपरिक स्वागत के साथ हुई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक सह रोहतास जिला संस्कृत संघ के सचिव श्री शारदानंद पांडे ने विद्यालय की दयनीय स्थिति और संसाधनों की कमी को विस्तार से रखते हुए अध्यक्ष महोदय से छात्रवृत्ति, पोशाक, पाठ्यपुस्तक, छात्र किट और रखरखाव जैसी बुनियादी सुविधाओं को सामान्य विद्यालयों की तरह संस्कृत विद्यालयों में भी उपलब्ध कराने की मांग की।

    इस मौके पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री रोहित रौशन ने भी आश्वासन दिया कि जल्द ही इन सभी सुविधाओं को लागू करने के प्रयास किए जाएंगे। वहीं विधान पार्षद निवेदिता सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इन सभी मुद्दों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक पहुँचाकर सरकारी स्तर पर समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।

    अध्यक्ष मृत्युंजय झा ने अपने वक्तव्य में आश्वासन दिया कि संस्कृत विद्यालयों के उत्थान हेतु वे लगातार पत्राचार कर रहे हैं और जल्द ही बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड का नया वेबसाइट लांच किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने नए पाठ्यक्रम (सिलेबस) के क्रियान्वयन की भी घोषणा की। साथ ही जिला में लंबे समय से लंबित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए रोस्टर निर्माण को जल्द पूर्ण कराने का भी भरोसा दिया।

    इस अवसर पर जिले भर से आए शिक्षकों में कमलेश त्रिपाठी, महेंद्र पांडे, जगन्नाथ पांडे, ईश्वर दयाल राय, बलिराम सिंह, प्रमोद पांडे, घनश्याम तिवारी, संजय पाठक, प्रेम सागर सिंह, नारायण सिंह, स्वर्णरेखा, महिमा, मोनिका कुमारी सहित सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

    यह समारोह न केवल सम्मान का प्रतीक था, बल्कि संस्कृत शिक्षा की उपेक्षित स्थिति पर गंभीर संवाद की दिशा में भी एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।

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