Last updated: October 17th, 2026 at 07:17 am

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को शत्रु संपत्ति से जुड़े मामलों में एक और झटका लगा है। उनके खिलाफ दर्ज तीन मुकदमों को एक साथ चलाने की मांग वाली पुनरीक्षण याचिका सेशन कोर्ट ने खारिज कर दी है। इससे पहले निचली अदालत भी उनकी याचिका को ठुकरा चुकी थी। अब तीनों मामलों की सुनवाई अलग-अलग जारी रहेगी।
आजम खान के वकील ने एक साथ सुनवाई की दी थी दलील
आजम खान की ओर से अदालत में तर्क दिया गया था कि तीनों मुकदमों में विवादित संपत्ति एक ही है। इसके अलावा, अधिकांश आरोपी और दस्तावेज भी समान हैं। इसी आधार पर उन्होंने तीनों मामलों को एक साथ जोड़कर सुनवाई करने की मांग की थी।
वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि तीनों मामले अलग-अलग दस्तावेजों, स्थानों और समय से जुड़े हैं। इनमें अभिलेखों में कथित कूटरचना के अलग-अलग आरोप हैं, इसलिए इनकी सुनवाई भी अलग-अलग होनी चाहिए। अदालत ने आजम खान की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।
जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास की जमीन से जुड़ा है मामला
मामले की शुरुआत रामपुर कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद की शिकायत से हुई थी। इसके आधार पर 9 मई 2020 को सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शुरुआत में लखनऊ के पीरपुर हाउस निवासी सैयद आफाक अहमद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।
यह मामला आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास स्थित उस जमीन से जुड़ा है, जो इमामुद्दीन कुरैशी पुत्र बदरुद्दीन कुरैशी के नाम दर्ज बताई गई थी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इमामुद्दीन कुरैशी विभाजन के समय पाकिस्तान चले गए थे और वर्ष 2006 में संबंधित जमीन को राजस्व अभिलेखों में शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान आरोप लगा कि राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेरफेर कर जमीन को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश की गई। रिकॉर्ड के कुछ पन्ने फटे हुए मिलने की बात भी सामने आई थी।
आजम खान के परिवार और जौहर ट्रस्ट के सदस्य भी आरोपी
इस मामले में आजम खान के अलावा उनकी पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा, बेटे अब्दुल्ला आजम तथा जौहर ट्रस्ट के अन्य सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया। मुकदमे में कलेक्ट्रेट के सेवानिवृत्त कर्मचारी भगवंत का नाम भी शामिल है, जो बाद में सरकारी गवाह बन गए।
उनके बयान के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच की थी। इसके बाद आजम खान के खिलाफ तीन अतिरिक्त धाराएं जोड़ते हुए पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
वर्ष 2019 में भी दर्ज हुए थे दो मुकदमे
शत्रु संपत्ति से जुड़े अन्य दो मामले वर्ष 2019 में दर्ज किए गए थे। इनमें एक प्राथमिकी अजीमनगर थाने और दूसरी शहर कोतवाली में दर्ज हुई थी। तीनों मुकदमों को एक साथ चलाने की याचिका खारिज होने के बाद अब इनकी सुनवाई अलग-अलग होगी।
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