Last updated: March 8th, 2026 at 10:30 am

पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सिलीगुड़ी के पास हुए अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन में देश की राष्ट्रपति के साथ प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।
मरांडी का आरोप है कि जब देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचीं, तब राज्य सरकार की ओर से उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री मौजूद थीं और न ही कोई मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी वहां भेजा गया। उन्होंने इसे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान बताया।
ममता बनर्जी से सार्वजनिक माफी की मांग
मरांडी ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री द्वारा आदिवासी महिला राष्ट्रपति के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल राष्ट्रपति का ही नहीं बल्कि संताल समुदाय के सम्मान से भी जुड़ा मुद्दा है। बोकारो स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में मरांडी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान लगातार कम होता जा रहा है।
जांच एजेंसियों को लेकर भी उठाए सवाल
मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में केंद्रीय एजेंसियों के कामकाज में भी बाधा डाली जाती है। उनका कहना था कि कई बार प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के दौरान भी सरकार के स्तर पर टकराव की स्थिति देखने को मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक मंचों से चुनाव आयोग पर भी टिप्पणी की जाती है, जबकि कुछ राजनीतिक दल हाथ में संविधान लेकर लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं।
लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश का आरोप
मरांडी ने कहा कि जो दल लोकतंत्र और संविधान की बात करते हैं, उन्हें पहले अपने व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल देश में अराजक माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
बंगाल की राजनीति पर भी साधा निशाना
मरांडी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जनसमर्थन लगातार घट रहा है और राज्य की जनता बदलाव चाहती है। उनके मुताबिक आने वाले चुनाव में सत्ता परिवर्तन संभव है।
झारखंड सरकार पर भी हमला
इस दौरान मरांडी ने झारखंड की राजनीति का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव अब पहले की तरह दलगत आधार पर नहीं कराए गए, जबकि भाजपा सरकार के समय ऐसा होता था। इसके बावजूद भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक खुला संगठन है और दूसरे दलों के लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विकास की रफ्तार धीमी हो गई है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर बयान
मरांडी ने बताया कि राज्य में अप्रैल से विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत मृत मतदाताओं, दूसरे राज्यों में जा चुके लोगों और अवैध रूप से मतदाता बने व्यक्तियों के नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अवैध रूप से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया है, उन्हें चिन्हित कर सूची से बाहर किया जाएगा। इस दौरान पार्टी के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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