Last updated: September 10th, 2026 at 10:51 am

देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर में तीन दिन लगातार बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS), इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत में कोई निर्णायक समाधान नहीं निकलने के बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया है।
11 सितंबर के बाद दो दिन बैंक रहेंगे बंद
11 सितंबर को शुक्रवार के दिन हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद 12 सितंबर को शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। ऐसे में कई बैंक शाखाओं में लगातार तीन दिनों तक नियमित काउंटर सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। इस दौरान कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस, KYC अपडेट, लोन से जुड़े काम और शाखा में होने वाली दूसरी सेवाओं में देरी हो सकती है।
UPI और इंटरनेट बैंकिंग पर क्या असर?
हड़ताल का असर मुख्य रूप से बैंक शाखाओं के कामकाज पर पड़ने की संभावना है। UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है। ATM सेवाएं भी आम तौर पर उपलब्ध रह सकती हैं।
हालांकि, कुछ स्थानों पर कैश रीफिल या तकनीकी समस्या होने की स्थिति में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए जिन लोगों को नकदी की जरूरत है, वे पहले से व्यवस्था कर सकते हैं।
पांच दिन बैंकिंग की मांग पर अड़े यूनियन
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के महासचिव रूपम रॉय और UFBU से जुड़े नेताओं ने कहा है कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था की मांग पर ठोस फैसला या स्पष्ट समयसीमा मिलने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
बैंक यूनियनों का कहना है कि सरकार और बैंक संगठनों के साथ बातचीत के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर अभी तक निर्णायक सहमति नहीं बन पाई है।
आगे भी हड़ताल की चेतावनी
यूनियनों ने 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के बाद भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। उनके मुताबिक, 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की हड़ताल और इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव है। ऐसे में अगर सरकार, बैंक प्रबंधन और यूनियनों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो आने वाले समय में बैंकिंग सेवाओं पर ज्यादा व्यापक असर पड़ सकता है।
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