Last updated: December 13th, 2025 at 12:47 pm

बिहार सरकार ने राज्य प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 36 IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह फैसला सरकार की ओर से प्रशासन को और अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इस फेरबदल से कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती हुई है, जिससे सरकारी कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है। कई जगहों पर एक ही अधिकारी लंबे समय से तैनात थे, जिससे कामकाज में सुस्ती या जड़ता आ सकती थी। नए अधिकारियों के आने से विभागों में नई सोच, नई कार्यशैली और बेहतर निगरानी की संभावना बढ़ जाती है।
इस प्रशासनिक फेरबदल का असर गृह, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, नगर विकास और उद्योग जैसे अहम विभागों पर पड़ेगा। कुछ जिलों में नए जिलाधिकारी (DM) और कुछ विभागों में नए सचिव या विशेष सचिव नियुक्त किए गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी और जनता से जुड़े कामों में सुधार आने की उम्मीद है।
सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने में अधिकारियों की भूमिका सबसे अहम होती है। नए IAS अधिकारियों की तैनाती से योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी, फाइलों का निपटारा तेजी से होगा और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल बन पाएगा। खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।
तबादलों को भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और जवाबदेही बढ़ाने के नजरिए से भी देखा जा रहा है। बार-बार और समय-समय पर किए जाने वाले तबादले से अधिकारियों पर काम का दबाव बना रहता है और किसी एक जगह अनावश्यक पकड़ कमजोर होती है। इससे प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ने की संभावना रहती है।
विपक्षी दलों ने इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं का कहना है कि सरकार ने यह कदम सही समय पर उठाया है, जबकि कुछ का आरोप है कि तबादले राजनीतिक कारणों से किए गए हैं। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि यह फैसला पूरी तरह प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
आम लोगों की उम्मीद है कि इस फेरबदल से सरकारी दफ्तरों में काम जल्दी होगा, शिकायतों का समाधान समय पर मिलेगा और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा। यदि नए अधिकारी सक्रियता और ईमानदारी से काम करते हैं, तो इसका सीधा फायदा जनता को मिलेगा।36 IAS अधिकारियों का यह तबादला बिहार प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इसका सही तरीके से क्रियान्वयन होता है, तो राज्य में प्रशासनिक सुधार, बेहतर नीति क्रियान्वयन और जनता के भरोसे में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नए अधिकारी अपने दायित्वों को किस तरह निभाते हैं।
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