Last updated: December 15th, 2025 at 04:45 pm

भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की राजनीति में एक बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने संजय सरावगी को बिहार बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस फैसले के बाद मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की जिम्मेदारी समाप्त हो गई है। जैसे ही यह घोषणा हुई, बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
संजय सरावगी दरभंगा से विधायक हैं और वैश्य समाज से आते हैं। पार्टी के अंदर उनकी पहचान एक साफ-सुथरी छवि वाले, जमीन से जुड़े और सक्रिय नेता के रूप में होती है। लंबे समय से वे संगठन और जनता के बीच सेतु का काम करते रहे हैं। उनकी मेहनत और कड़ी मेहनत ने उन्हें पार्टी के भीतर एक मजबूत और भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित किया है।
संजय सरावगी की नियुक्ति को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर कई चर्चाएं हो रही हैं। कई लोग इसे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से जोड़कर देख रहे हैं। संगठनात्मक दृष्टि से यह कदम पार्टी को मजबूत बनाने और चुनावी रणनीति को नई दिशा देने के लिए भी अहम माना जा रहा है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इसका मतलब है कि अब से पार्टी की पूरी कमान संजय सरावगी के हाथ में होगी।
संजय सरावगी के नेतृत्व में पार्टी संगठन को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। उनके पास लंबे समय का अनुभव है और उन्होंने पार्टी के कई स्तरों पर काम किया है। उनकी नियुक्ति से पार्टी को संगठन को मजबूत करने, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और चुनावी तैयारियों को गति देने में मदद मिलेगी।
वैश्य समाज से आने वाले नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना पार्टी की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। इस वर्ग को साधकर पार्टी चुनाव में अपने समर्थन को बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
संगठन के अंदर इस बदलाव के कारण कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संजय सरावगी को बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में पार्टी संगठन और अधिक सक्रिय होगा। वहीं, कुछ लोग इसे चुनाव से पहले की रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं।
कुल मिलाकर, संजय सरावगी का बिहार बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनना केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति और पार्टी की रणनीति को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वे अपनी नई जिम्मेदारी में पार्टी को कितनी मजबूती और सफलता दे पाते हैं।
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