Last updated: June 18th, 2026 at 05:00 am

बिहार कैबिनेट की हालिया बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कुल 29 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य के शहरी विकास और टाउनशिप परियोजनाओं से जुड़े भूमि प्रबंधन को लेकर एक अहम निर्णय लिया गया।
सरकार ने उन सैटलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि क्रय-विक्रय की प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला किया है, जहां अभी तक खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध के कारण भूमि मालिकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
नई व्यवस्था के तहत बिहार राज्य आवास बोर्ड को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी “बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026” के अंतर्गत भूमि खरीदने का अधिकृत अधिकार दिया गया है। इससे भूमि लेन-देन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकेगी।
इसके अलावा सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि सरकारी प्राधिकरण अब भूमि अधिग्रहण के साथ-साथ निवेश परियोजनाओं के लिए भूमि को लीज पर देने की प्रक्रिया भी संचालित कर सकेंगे। यह सुविधा राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं पर लागू होगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल टाउनशिप विकास की गति तेज होगी, बल्कि किसानों और भू-स्वामियों की तात्कालिक जरूरतों का भी समाधान हो सकेगा।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई नीति का उद्देश्य भूमि से जुड़े विवादों को कम करना और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे बिहार में शहरी विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
![]()
Comments are off for this post.