Last updated: April 7th, 2026 at 06:38 am

बिहार में आपदा प्रभावित लोगों और जरूरतमंदों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राहत कोष से करोड़ों रुपये की सहायता राशि को मंजूरी दी गई।
बैठक के दौरान राहत कोष के उपयोग और उसकी प्रभावशीलता पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जरूरतमंद लोगों तक सहायता जल्द और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
सरकार ने विभिन्न दुर्घटनाओं और आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और गंभीर रूप से घायलों के लिए करीब 4.70 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता को स्वीकृति दी है। इसमें राज्य के बाहर हादसों में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ-साथ राज्य के भीतर आपदाओं से प्रभावित परिवार भी शामिल हैं।
इसके अलावा, बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बर्तन, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान के लिए भी धनराशि खर्च की गई है। राहत शिविरों में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए भी विशेष सहायता प्रदान की गई है।
सरकार ने बाल श्रम से मुक्त कराए गए किशोरों के पुनर्वास के लिए भी अहम कदम उठाया है। इसके तहत प्रत्येक किशोर के लिए निर्धारित राशि के अनुसार कुल 86 लाख रुपये की मदद दी गई है, ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
बैठक में यह भी दोहराया गया कि राहत कोष का उद्देश्य आपदा या संकट की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से जरूरतमंदों को समय पर मदद मिलती है और उनके जीवन में राहत पहुंचती है।
इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
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