Last updated: February 18th, 2026 at 05:00 pm

बिहार नक्सल मुक्त घोषित: इनामी नक्सली कमांडर के सरेंडर से बड़ी सफलता:
बिहार में नक्सलवाद को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। कुख्यात नक्सली कमांडर सुरेश कोड़ा ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उसके ऊपर सरकार ने 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और वह करीब 25 साल से फरार चल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, धमकी, विस्फोट और जबरन वसूली जैसे 60 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज थे। वह बिहार के कई जिलों में सक्रिय रहा और लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।आत्मसमर्पण करते समय उसने कई खतरनाक हथियार भी जमा कराए, जिनमें एके-47, एके-56 राइफल, इंसास राइफल और सैकड़ों गोलियां शामिल थीं। पुलिस का कहना है कि इतने आधुनिक हथियार इस बात का सबूत हैं कि वह संगठन में ऊंचे पद पर था और कई बड़े हमलों में उसकी भूमिका रही होगी। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन और जंगल-पहाड़ी इलाकों में सख्त निगरानी के कारण नक्सली नेटवर्क कमजोर हो गया था।अधिकारियों के मुताबिक, हाल के समय में कई छोटे-बड़े नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है, जिससे संगठन की ताकत घटती गई। इसी दबाव के कारण सुरेश कोड़ा ने भी आखिरकार हथियार डाल दिए। पुलिस का दावा है कि उसके सरेंडर के बाद राज्य में सक्रिय बड़े नक्सली दस्तों का लगभग सफाया हो चुका है और इसी आधार पर बिहार को “नक्सल मुक्त” घोषित किया गया है।सरकार और सुरक्षा बल इसे बड़ी सफलता मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का सरेंडर नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहे अभियान का परिणाम है। अधिकारियों का मानना है कि अगर इसी तरह कार्रवाई और पुनर्वास नीति जारी रही, तो भविष्य में भी नक्सली गतिविधियां दोबारा मजबूत नहीं हो पाएंगी।
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