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बिहार में खुला पूर्वोत्तर भारत का पहला ई-रेडिएशन तकनीक केंद्र, किसानों और निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा!

बिहार में ई-रेडिएशन तकनीक केंद्र की शुरुआत: किसानों और निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा: बिहार के लिए यह एक बड़ी
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बिहार में ई-रेडिएशन तकनीक केंद्र की शुरुआत: किसानों और निर्यात को मिलेगा बड़ा फायदा:

बिहार के लिए यह एक बड़ी और अच्छी खबर है कि पटना के पास बिहटा में पूर्वोत्तर भारत का पहला ई-रेडिएशन (E-Radiation) तकनीक केंद्र शुरू हो गया है। इस केंद्र की मदद से अब फलों, सब्जियों और कृषि उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। खास तौर पर मखाना, आम, लीची और सब्जियों जैसे उत्पादों की गुणवत्ता अब ज्यादा समय तक बनी रहेगी। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और राज्य से बाहर तथा विदेशों में निर्यात भी बढ़ेगा।

ई-रेडिएशन तकनीक का मतलब होता है कि खास किस्म की ऊर्जा किरणों का इस्तेमाल करके खाद्य पदार्थों को सुरक्षित किया जाए। यह कोई खतरनाक रेडिएशन नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से किया जाने वाला एक सुरक्षित प्रोसेस है। इसमें फलों और अनाज पर मौजूद हानिकारक कीट, बैक्टीरिया और फंगस खत्म हो जाते हैं। इससे सामान जल्दी खराब नहीं होता और लंबे समय तक ताजा बना रहता है।

अब तक बिहार में कई बार ऐसा होता था कि फल और सब्जियां समय पर बाजार तक नहीं पहुंच पाती थीं, जिससे वे सड़ जाती थीं और किसानों को नुकसान होता था। लेकिन इस नए केंद्र के खुलने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। मखाना जैसे खास उत्पाद, जो बिहार की पहचान हैं, अब ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेंगे और बड़े बाजारों तक भेजे जा सकेंगे।

इस तकनीक से खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। जब अनाज और फल लंबे समय तक सही हालत में रहेंगे, तो लोगों को साफ और सुरक्षित खाना मिलेगा। इससे बीमारियों का खतरा भी कम होगा। साथ ही, किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, जिससे वे मजबूरी में सस्ते दाम पर फसल नहीं बेचेंगे।

ई-रेडिएशन केंद्र से रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे। यहां तकनीकी काम करने के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर नई नौकरियां पैदा होंगी और युवाओं को बाहर जाने की जरूरत कम पड़ेगी।

सरकार का कहना है कि इस केंद्र से बिहार को कृषि और तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। अब बिहार सिर्फ परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक से जुड़कर आगे बढ़ेगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

कुल मिलाकर, बिहटा में ई-रेडिएशन तकनीक केंद्र का खुलना बिहार के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह तकनीक न सिर्फ फलों और कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने में मदद करेगी, बल्कि किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं सभी के लिए फायदेमंद साबित होगी। आने वाले समय में इससे बिहार का नाम देश और विदेश दोनों जगह और ऊंचा होगा।

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