Last updated: January 28th, 2026 at 05:28 pm

शिक्षक हाज़िरी-पारदर्शिता के लिए नया टेक्नोलॉजी प्लान –
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति (हाज़िरी) को लेकर एक नया और सख़्त टेक्नोलॉजी-आधारित प्लान तैयार किया है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि स्कूलों में होने वाली फर्जी हाज़िरी, देर से आना, जल्दी चले जाना और बिना सूचना के गायब रहने जैसी समस्याओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इस नई व्यवस्था से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और बच्चों की पढ़ाई पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
अब तक कई जगहों पर देखा गया है कि कुछ शिक्षक स्कूल आए बिना भी हाज़िरी लगा लेते थे या केवल कुछ समय रुककर चले जाते थे। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सरकारी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी कम होता था। इसी समस्या को खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग ने टेक्नोलॉजी की मदद लेने का फैसला किया है।
इस नए प्लान के तहत स्कूलों में डिजिटल हाज़िरी सिस्टम लागू किया जाएगा। इसमें बायोमेट्रिक मशीन, मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल होगा। हर शिक्षक को अपनी हाज़िरी फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन के ज़रिये लगानी होगी। जैसे ही शिक्षक स्कूल में आएंगे और सिस्टम पर हाज़िरी दर्ज करेंगे, उसका रिकॉर्ड सीधे विभाग के सर्वर में चला जाएगा। इससे कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी नहीं दे पाएगा।
इस व्यवस्था में एक और खास बात यह है कि हाज़िरी केवल एक बार नहीं, बल्कि तय समय पर ही मान्य होगी। यानी शिक्षक को स्कूल समय पर आना और पूरे समय तक मौजूद रहना ज़रूरी होगा। अगर कोई बीच में चला जाता है तो सिस्टम में उसका समय रिकॉर्ड हो जाएगा। इससे “नाम का शिक्षक, काम कोई नहीं” वाली स्थिति खत्म होगी।
शिक्षा विभाग एक मोबाइल ऐप भी तैयार कर रहा है, जिससे स्कूल के प्रधानाध्यापक और अधिकारी सीधे देख सकेंगे कि कौन-कौन शिक्षक समय पर आए हैं और कौन नहीं। जिला स्तर के अधिकारी भी रियल-टाइम में रिपोर्ट देख सकेंगे। अगर किसी स्कूल में बार-बार लापरवाही पाई जाती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
इस प्लान से ईमानदार और मेहनती शिक्षकों को फायदा मिलेगा। जो शिक्षक रोज़ समय पर आते हैं और मन लगाकर पढ़ाते हैं, उन्हें अब किसी के साथ तुलना नहीं करनी पड़ेगी। वहीं जो लापरवाही करते हैं, उन पर निगरानी रहेगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। इससे पूरे सिस्टम में अनुशासन आएगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए भी यह योजना बहुत फायदेमंद है। जब शिक्षक नियमित रूप से स्कूल आएंगे और पूरी क्लास लेंगे, तो बच्चों की पढ़ाई में सुधार होगा। कोर्स समय पर पूरा होगा और छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलेगी। गांव और दूरदराज़ इलाकों के स्कूलों में भी अब पढ़ाई का स्तर बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि टेक्नोलॉजी से जुड़ी यह पहल शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी। पहले जहाँ कागज़ पर हाज़िरी होती थी, वहाँ अब डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिसे कोई भी बदल नहीं सकेगा। इससे भ्रष्टाचार और लापरवाही दोनों पर रोक लगेगी।
कुल मिलाकर, शिक्षक हाज़िरी को लेकर बनाया गया यह नया टेक्नोलॉजी प्लान बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा और ज़रूरी कदम है। इससे स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनुशासन आएगा और सबसे ज़्यादा फायदा छात्रों को होगा। यही किसी भी शिक्षा नीति का असली मकसद होता है – बच्चों को बेहतर और भरोसेमंद शिक्षा देना।
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