Last updated: January 28th, 2026 at 05:25 pm

बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी और SBTE ने NASSCOM के साथ समझौता (MoU) –
बिहार में तकनीकी शिक्षा को मजबूत और रोजगार-योग्य बनाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (Bihar Engineering University – BEU) और राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड (State Board of Technical Education – SBTE) ने NASSCOM के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ऐसी स्किल-ट्रेनिंग देना है, जो उद्योग (Industry) की ज़रूरतों के हिसाब से हो और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर दे सके।
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि यह समझौता किसके साथ हुआ है और यह क्यों महत्वपूर्ण है। NASSCOM भारत की सबसे बड़ी आईटी और तकनीकी कंपनियों का उद्योग संगठन है। इसके पास तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण और कौशल विकास के बहुत बड़े संसाधन हैं। इस MoU के ज़रिये बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के छात्र अब उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण प्रोग्राम में शामिल हो सकेंगे।
इस समझौते का मुख्य भाग “FutureSkills Prime” नामक डिजिटल कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम भारत सरकार के समर्थन वाला है और इसका लक्ष्य छात्रों को नई तकनीकों जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics), साइबर सुरक्षा (Cyber Security) और क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing) जैसे आधुनिक विषयों में प्रशिक्षण देना है। छात्र इन कोर्सों को ऑनलाइन सीख सकते हैं।
अब बात यह है कि इस MoU से छात्रों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे। सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र सीधे उद्योग के अनुसार कौशल सीख सकेंगे। आज के समय में इंजीनियरिंग की डिग्री होना भी जरूरी है, लेकिन उद्योग की आवश्यकता होती है कि छात्र प्रैक्टिकल और तकनीकी कौशल से लैस हों। इसी कारण इस MoU के ज़रिये छात्रों को वर्चुअल इंटर्नशिप, आधारभूत कोर्स, और डीप-स्किलिंग प्रोग्राम जैसे प्रशिक्षण भी दिए जायेंगे। इससे छात्र न सिर्फ अपने सैद्धांतिक ज्ञान को मजबूत करेंगे, बल्कि वास्तविक दुनिया के काम की क्षमता भी सीखेंगे।
MoU के मुताबिक हर सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जायेगा। यह अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि छात्र इस डिजिटल प्रशिक्षण को सही तरीके से समझें और पूरा करें। इसके अलावा समय-समय पर वर्कशॉप और ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किये जायेंगे ताकि छात्रों और शिक्षकों दोनों को प्लेटफॉर्म का पूरा लाभ मिल सके।
यह पहल खासतौर पर बिहार के उन छात्रों के लिए बहुत मददगार साबित होगी जो ग्रामीण क्षेत्रों या छोटे जिलों से आते हैं। क्योंकि यह पूरी प्रशिक्षण प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होगी, इसलिए किसी भी स्थान का छात्र यह प्रशिक्षण आसानी से ले सकता है। इससे शहरी और ग्रामीण छात्रों के बीच की दूरी कम होगी और सभी को समान अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, यह समझौता बिहार में तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देगा और छात्रों को विश्वस्तर की स्किल्स सीखने का मौका देगा। इससे न सिर्फ छात्रों की रोज़गार योग्यता बढ़ेगी बल्कि बिहार का तकनीकी क्षेत्र भी आगे बढ़ेगा। उद्योग-अनुरूप कौशल के साथ बेहतर तैयारी कर पाने वाले छात्र अब भारत के अन्य हिस्सों में भी प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे।
इस प्रकार, यह MoU बिहार के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर है, जो छात्र, शिक्षक और उद्योग के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करेगा और भविष्य में रोजगार के नए दरवाजे खोलेगा।
![]()
Comments are off for this post.