Last updated: December 8th, 2025 at 06:32 pm

उत्तर बिहार के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदियाँ और नाले उफान पर हैं, जिससे कई गांवों में पानी भर गया है।लोग अपने घरों से सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। कृषि भूमि में पानी भर जाने से फसलें बर्बाद हो रही हैं और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिया है। कई स्थानों पर राहत शिविर खोले गए हैं, जहां फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया जा रहा है।नावों की मदद से पानी में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लोग सुरक्षित स्थानों से बाहर न निकलें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
बाढ़ के पानी में कई प्रकार की बीमारियाँ फैलने का खतरा रहता है। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीम भेजी है।टीमें लोगों को प्राथमिक उपचार दे रही हैं और स्वच्छ पानी और दवाइयाँ उपलब्ध करा रही हैं। इसके अलावा विभाग ने पानी से फैलने वाले रोगों जैसे डायरिया, मलेरिया और स्किन इंफेक्शन पर निगरानी बढ़ा दी है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षा का ध्यान रखने और जरूरत पड़ने पर राहत शिविरों में जाने की सलाह दी है।स्थानीय लोग भी प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं। लोगों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।
बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता दी है।प्रशासन ने कहा है कि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाएगा।भविष्य में ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार नई रणनीतियाँ बना रही है और आपदा प्रबंधन टीमों को और मजबूत किया जा रहा है।
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