Last updated: June 19th, 2026 at 08:45 am

बिहार की नौकरशाही में हुए हालिया बदलाव ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पटना के पूर्व डीएम त्यागराजन एसएम को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार इस बदलाव को प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, लेकिन इस निर्णय को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। आनंद किशोर लंबे समय से बिहार बोर्ड के प्रमुख रहे हैं और उनके कार्यकाल में परीक्षा व्यवस्था में कई सुधारों को लेकर उनकी कार्यशैली की सराहना भी होती रही है।
हालांकि, हाल के महीनों में सामने आए टेंडर घोटाला मामले और जांच एजेंसियों की सक्रियता के बीच यह तबादला और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच में कई नाम सामने आने के बाद इस पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आनंद किशोर को बिहार बोर्ड से हटाए जाने के बावजूद उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में अपर मुख्य सचिव के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यह फैसला पूरी तरह प्रशासनिक है या इसके पीछे कोई बड़ा संकेत भी छिपा है।
वहीं, नए अध्यक्ष त्यागराजन एसएम की नियुक्ति को सरकार की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक नियुक्ति के रूप में देखा जा रहा है। उनकी पहचान एक सख्त और प्रभावी अधिकारी के रूप में रही है, जिन्होंने पटना जिला प्रशासन में भी अहम भूमिका निभाई है।
इस बदलाव के बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की अटकलें तेज हैं। विपक्ष इसे सरकार की रणनीतिक नियुक्ति और संदेश के तौर पर देख रहा है, जबकि सरकार इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है।
फिलहाल, टेंडर घोटाला जांच और प्रशासनिक फेरबदल को जोड़कर कई सवाल उठ रहे हैं, जिनके जवाब आने वाले समय में और स्पष्ट हो सकते हैं।
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