Last updated: October 13th, 2026 at 09:03 am

बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार और जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर आमने-सामने हैं। प्रशांत किशोर की ओर से जेडीयू नेताओं से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज मिलने के दावे के बाद नीरज कुमार ने सफाई दी है। उन्होंने कागजात पहुंचाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वह ऐसा कोई काम नहीं करते। साथ ही उन्होंने अपनी संपत्ति और निजी जीवन से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक रूप से साझा की।
‘मैं ऐसे काम नहीं करता’, नीरज कुमार ने आरोपों को नकारा
नीरज कुमार से जब पूछा गया कि क्या वह जेडीयू नेताओं से जुड़े कागजात प्रशांत किशोर तक पहुंचाते थे, तो उन्होंने साफ तौर पर इससे इनकार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय नीतियों और मुद्दों के आधार पर जनता से वोट मांगना चाहिए। नीरज कुमार ने जनसेवा को अपना दायित्व बताते हुए कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगाने की अपील भी की।
संपत्ति का ब्योरा देकर बोले- मेरी कुंडली छिपी नहीं
प्रशांत किशोर के कथित तौर पर नीरज कुमार का कच्चा-चिट्ठा सार्वजनिक करने की चेतावनी के बीच जेडीयू नेता ने अपनी संपत्ति का विवरण दिया। नीरज कुमार के मुताबिक, टाल क्षेत्र में उनके हिस्से में 10 बीघा जमीन है और मोकामा स्थित उनके घर में चार कमरे हैं। उन्होंने बताया कि वे तीन भाई हैं और उनके बारे में जानकारी सार्वजनिक रूप से हासिल की जा सकती है।
नीरज कुमार ने अपने जन्मदिन से जुड़ी बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनका जन्म 9 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन हुआ था और उनके बेटे का जन्मदिन भी इसी तारीख को पड़ता है।
कैसे शुरू हुआ नीरज कुमार और प्रशांत किशोर के बीच विवाद?
दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी पिछले कुछ दिनों से जारी है। नीरज कुमार ने पहले प्रशांत किशोर को भाषा की मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों की आलोचना की जा सकती है, लेकिन व्यक्तिगत आरोपों से बचना चाहिए।
नीरज कुमार ने पहले प्रशांत किशोर से जुड़ी कथित 14 कंपनियों का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि बांकीपुर विधानसभा सीट जीत लेने से कोई वैश्विक विचारक नहीं बन जाता।
प्रशांत किशोर ने भी किया पलटवार
प्रशांत किशोर ने जवाब में दावा किया कि पटना के शिक्षक और स्नातक मतदाता इस बार बदलाव चाहते हैं। उन्होंने नीरज कुमार के साथ भाजपा उम्मीदवार नवीन किशोर यादव को भी चुनाव में हराने की बात कही। पीके ने बांकीपुर विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां राजनीतिक समीकरण बदले, उसी तरह विधान परिषद चुनाव में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों और राजनीतिक दावों पर मतदाताओं का रुख क्या रहेगा, यह चुनाव परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।
23 अक्टूबर के मतदान पर टिकी नजरें
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला अब राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बनता जा रहा है। नीरज कुमार अपने राजनीतिक अनुभव और जेडीयू के समर्थन पर भरोसा जता रहे हैं, जबकि प्रशांत किशोर बदलाव के मुद्दे को आगे रख रहे हैं। ऐसे में 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान तय करेगा कि मतदाता किसके पक्ष में अपना समर्थन देते हैं।
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