Last updated: November 2nd, 2026 at 01:07 pm

बिहार विधान परिषद चुनाव के बाद एनडीए के सहयोगी दलों के बीच मतभेद उभरने लगे हैं। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीतने वाले राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी के भाजपा से जुड़ने पर जेडीयू नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं। जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने विशेष रूप से राहुल राज की भाजपा में वापसी को लेकर आपत्ति जताई है।
उमेश कुशवाहा ने भाजपा नेतृत्व से मांगा जवाब
उमेश कुशवाहा ने सवाल किया कि जब भाजपा ने राहुल राज को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था, तो फिर इतनी जल्दी उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल करने की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व को इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उनके इस बयान से साफ है कि जेडीयू नेतृत्व राहुल राज की भाजपा में वापसी के समय और परिस्थितियों को लेकर संतुष्ट नहीं है। हालांकि, कुशवाहा ने इस फैसले के पीछे की वजहों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
श्याम रजक बोले- निर्दलीय जीतकर पार्टी में जाना गलत
इस मुद्दे पर जेडीयू के वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देना राजनीतिक दलों का अधिकार है। ऐसे में भाजपा की ओर से दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों को समर्थन देने पर नियमों के उल्लंघन का सवाल नहीं उठता।
हालांकि, श्याम रजक ने चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के फैसले पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल करने के बाद किसी पार्टी में शामिल होना अनैतिक और गलत है। यदि दोनों एमएलसी भाजपा में शामिल हुए हैं, तो यह उचित नहीं है।
दो सीटों पर जेडीयू उम्मीदवारों को मिली थी हार
दरअसल, बिहार विधान परिषद की सारण शिक्षक और तिरहुत स्नातक सीट पर हुए चुनाव में जेडीयू उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा था। सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी राहुल राज ने जेडीयू के आनंद पुष्कर को पराजित किया था। वहीं, तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर ब्रजवासी ने जेडीयू के अभिषेक झा को शिकस्त दी थी।
चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद दोनों निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा से जुड़ गए। अब इस घटनाक्रम को लेकर जेडीयू नेताओं की आपत्तियों ने एनडीए के भीतर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है। खासकर राहुल राज की भाजपा में वापसी को लेकर उमेश कुशवाहा के सवालों से गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
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