Last updated: June 13th, 2026 at 05:58 pm

Bihar News : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा है कि जिन परिवारों की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक है, वे OBC आरक्षण के लाभ के पात्र नहीं होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे परिवारों को “क्रीमी लेयर” श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 8 लाख रुपये से कम आय वाले परिवार “नॉन-क्रीमी लेयर” में आते हैं और आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का मूल उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाना है। इसी कारण सरकार ने क्रीमी लेयर का प्रावधान लागू किया है, ताकि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान नियमों के तहत आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया है, जिससे पिछड़े वर्गों के कमजोर तबकों को अवसर मिल सके। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए भी आय सीमा निर्धारित है और पात्रता के स्पष्ट मानदंड तय किए गए हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद बिहार में आरक्षण नीति और क्रीमी लेयर की सीमा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मुद्दे पर नई बहस शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
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