Last updated: April 11th, 2026 at 11:44 am

बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार से जुड़े अहम फैसले राज्य के भीतर ही होने चाहिए, न कि दिल्ली के राजनीतिक दबाव में। उन्होंने सलाह दी कि मुख्यमंत्री को अपना उत्तराधिकारी अपनी ही पार्टी के अंदर से चुनना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि नीतीश कुमार इस्तीफा देने जा रहे हैं। संवैधानिक प्रावधानों के तहत मुख्यमंत्री को छह महीने तक पद पर बने रहने का अधिकार है और इस्तीफा कब देना है, यह उनका खुद का निर्णय होगा। RJD सांसद ने 90 के दशक का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिहार की स्थिति काफी खराब थी और मुख्यमंत्री का चयन दिल्ली से तय होता था। लेकिन लालू प्रसाद यादव ने इस व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया और राज्य की राजनीतिक स्वायत्तता को मजबूत किया।
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान परिस्थितियों में नीतीश कुमार मजबूरी में सत्ता भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सौंप सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनता दल (यू) से ही नया मुख्यमंत्री चुना जाता है, तो यह संकेत होगा कि फैसला किसी दबाव में नहीं लिया गया है। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी Rashtriya Janata Dal उस परंपरा को बचाए रखना चाहती है, जिसमें बिहार के फैसले बिहार में ही लिए जाते हैं।
इसके अलावा, सांसद ने राज्यपाल से मुलाकात कर बिहार की शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों की शिकायत भी की। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की जरूरत पर जोर दिया और राज्यपाल की सक्रियता की सराहना की।साथ ही, उन्होंने सबौर कृषि विश्वविद्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में चर्चा और तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में सत्ता समीकरण को लेकर नए घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।
![]()
Comments are off for this post.