Last updated: December 11th, 2025 at 04:53 pm

बिहार में बिजली से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनका समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है। लेकिन कई प्रोजेक्ट समय पर खत्म नहीं हो पा रहे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। इसी वजह से बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) ने अब सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
BSPHCL के सीएमडी मनोज कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों से बात की और सभी लंबित प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर कोई एजेंसी समय पर काम पूरा नहीं करती है, या गुणवत्ता खराब रखती है, तो उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ऐसी एजेंसियों को भविष्य के कामों से भी बाहर किया जा सकता है। यानी देरी करने वालों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
बैठक में कुल 46 बिजली परियोजनाओं की विस्तार से जांच की गई। इनमें कई ग्रिड सबस्टेशन, पावर लाइन अपग्रेड और नई बिजली आपूर्ति से जुड़े काम शामिल हैं। कई प्रोजेक्ट आधे-अधूरे हैं और लंबे समय से रुके हुए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इन सभी प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
इन परियोजनाओं में पीएमसीएच ग्रिड सबस्टेशन सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सबस्टेशन पटना के कई बड़े अस्पतालों, खासकर पीएमसीएच, और आसपास के आवासीय इलाकों को बिजली देता है। अगर इस ग्रिड का काम अधूरा रहता है, तो अस्पतालों की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए सीएमडी ने आदेश दिया कि इस प्रोजेक्ट को किसी भी हाल में जल्दी पूरा किया जाए।
पावर होल्डिंग कंपनी ने यह भी कहा कि अब सभी एजेंसियों को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। अगर कोई एजेंसी काम में ढिलाई करती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई होगी। इसमें जुर्माना, भुगतान रोकना या ब्लैकलिस्ट करना शामिल है। इससे कंपनियों पर दबाव बनेगा कि वे जल्द और सही गुणवत्ता के साथ काम खत्म करें।
इन परियोजनाओं की देरी का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। कई जगह बिजली कटौती, वोल्टेज की समस्या और लोड शेडिंग जैसी दिक्कतें सामने आती हैं। नए सबस्टेशन और अपग्रेड होने से न सिर्फ बिजली की गुणवत्ता बेहतर होगी बल्कि पूरे सिस्टम पर लोड भी कम होगा।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बिजली व्यवस्था मजबूत की जाए और हर इलाके तक लगातार बिजली पहुंचे। बिना समय पर प्रोजेक्ट पूरा हुए यह संभव नहीं है। इसलिए सरकार और बिजली कंपनी मिलकर इन योजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।कुल मिलाकर, BSPHCL ने यह साफ संदेश दे दिया है कि अब परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम और अच्छी गुणवत्ता अब हर एजेंसी की जिम्मेदारी है। अगर सभी प्रोजेक्ट तय समय पर पूरे हो जाते हैं, तो आने वाले समय में बिहार की बिजली व्यवस्था और ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद हो जाएगी।
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