Last updated: October 8th, 2026 at 12:31 pm

बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े 2023 के एक नकल मामले की जांच में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने परीक्षा पास कराने के लिए कथित तौर पर 9 लाख रुपये की सेटिंग किए जाने का खुलासा किया है। जांच के दौरान दूसरे अभ्यर्थी की तस्वीर एडमिट कार्ड पर लगाने से लेकर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने की तैयारी की बात सामने आई है। इस मामले में EOU ने श्रवण कुमार नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है।
परीक्षा केंद्र पर ब्लूटूथ डिवाइस के साथ पकड़ा गया था अभ्यर्थी
मामला 1 अक्टूबर 2023 को नालंदा के बिहारशरीफ स्थित भैंसासुर के आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय परीक्षा केंद्र से जुड़ा है। सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान धनंजय कुमार को जांच के दौरान पकड़ा गया था। उसके पास कथित तौर पर ब्लूटूथ डिवाइस मिला था, जिसका इस्तेमाल परीक्षा में नकल के लिए किया जाना था। इस मामले में धनंजय कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
जांच आगे बढ़ने पर EOU को पता चला कि धनंजय को परीक्षा पास कराने के लिए पहले से एक अलग स्कॉलर की व्यवस्था की गई थी। उसके एडमिट कार्ड पर दूसरे व्यक्ति की तस्वीर लगाने की तैयारी थी, ताकि वह उसकी जगह परीक्षा दे सके। हालांकि, वह स्कॉलर परीक्षा देने नहीं पहुंचा। इसके बाद धनंजय को खुद परीक्षा केंद्र भेजा गया और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराने की कोशिश की गई।
9 लाख रुपये में हुई थी कथित सेटिंग
EOU की जांच में श्रवण कुमार की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक, करीब 25 वर्षीय श्रवण कुमार पटना जिले के सिगौरी थाना क्षेत्र के हादीनगर का रहने वाला है। उसे 7 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
जांच के अनुसार, श्रवण कुमार ने अपने परिचित सेटर नीरज के माध्यम से धनंजय की परीक्षा पास कराने के लिए कथित तौर पर 9 लाख रुपये में सौदा तय कराया था। दूसरे स्कॉलर के परीक्षा देने नहीं आने के बाद धनंजय से फोन-पे के जरिए 20 हजार रुपये लिए गए। पुलिस के मुताबिक, इस रकम का कुछ हिस्सा नीरज को दिया गया, जबकि कुछ रकम श्रवण कुमार ने अपने पास रखी।
इसके बाद धनंजय को परीक्षा में नकल कराने के लिए नीरज के जरिए ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान जांच में वह पकड़ा गया।
EOU की जांच जारी
श्रवण कुमार की गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आर्थिक अपराध इकाई अब इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। जांच एजेंसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित तौर पर गलत तरीके से चयन कराने, नकल और आर्थिक लाभ लेने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
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